CT Scan में 95 फीसद लोगों में मिले निमोनिया के धब्बे, इस तरह से फेफड़ों में अपना घर बना रहा नया वायरस स्ट्रेन
संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर ट्रूनॉट और एंटीजन की जांच होती है। स्वास्थ्य विभाग ने भी आरटीपीसीआर की जांच में देरी होने पर डिजिटल एक्सरे और एचआर सीटी की रिपोर्ट के आधार पर संक्रमितों का इलाज शुरू करने को मंजूरी दी है।from Jagran Hindi News - uttar-pradesh:kanpur-city https://www.jagran.com/uttar-pradesh/kanpur-city-21600790.html
Comments
Post a Comment