कानपुर में जहां लोग जाते हैं अपना जीवन बचाने उसी चौखट पर लेटकर तोड़ रहे दम, मानवीय संवेदनाओं की हर रोज हो रही हत्या
घरवाले कभी ऊपर वाले से तो कभी डॉक्टरों से गुहार लगा रहे हैं। गुरुवार को हैलट उर्सला और अन्य कोविड नर्सिंहोम के बाहर इसी तरह का कुछ नजारा था। प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भले ही दावा करें लेकिन हकीकत में छोटे सिलिंडरों की किल्लत बरकरार है।from Jagran Hindi News - uttar-pradesh:kanpur-city https://www.jagran.com/uttar-pradesh/kanpur-city-21603758.html
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